रायपुर/मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (वेब डेस्क): छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ में हुए एक बड़े भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की है। शादी के पवित्र मौके पर नवविवाहित गरीब बेटियों को उपहार में दिए जाने वाले मंगलसूत्र में नकली धातु ‘गिलेट’ की मिलावट पाए जाने पर, शासन ने तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) श्री आदित्य शर्मा की दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने (withholding of two annual increments with non-cumulative effect) का सख्त विभागीय आदेश जारी किया है।
- क्या था मामला: 10 फरवरी 2026 को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के भव्य आयोजन में नकली ‘गिलेट के मंगलसूत्र’ बांटने की शिकायत हुई थी।
- जांच रिपोर्ट: कलेक्टर की विस्तृत जांच में शिकायत के तथ्य सही पाए गए।
- नोटिस: विभाग द्वारा 18 जून 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका अधिकारी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
- कड़ा एक्शन: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के नियम 3 और वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के नियम 10 के तहत दण्ड की घोषणा की गई।
- आदेश संख्या: ESTB-1/3846/2026-WCD (हस्ताक्षरकर्ता: संगीता भोले, अवर सचिव)
सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज होगी ‘ब्लैक एंट्री’
राज्य शासन ने इस कार्रवाई को बेहद कड़ा बनाने के लिए आदेश की प्रतिलिपि महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-सूरजपुर (छ.ग.) को भी भेजी है, ताकि आरोपी अधिकारी श्री आदित्य शर्मा की सेवा पुस्तिका (Service Book) में इस सजा की बाकायदा प्रविष्टि की जा सके। इसके कारण अधिकारी का भविष्य में प्रमोशन और वित्तीय लाभ अटकना तय है।
अवर सचिव संगीता भोले द्वारा हस्ताक्षरित आदेश का मुख्य अंश:
“श्री आदित्य शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी को शासकीय कार्य में लापरवाही एवं गंभीरता से कर्तव्यपालन नहीं करने के कारण… छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियन्त्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 के उपनियम (चार) के तहत दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति अधिरोपित की जाती है।”
इस कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि गरीबों के हक और सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।




