प्रदीप पाटकर – बैकुंठपुर पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीड़ित परिवार से की मुलाकात
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बहुचर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर सामाजिक और राजनीतिक आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत बैकुंठपुर पहुंचे। उन्होंने मृतक भरत सिंह की तेरहवीं पर उनके निवास जाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। इस मौके पर करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर सहित संगठन के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
‘गृहमंत्री दें इस्तीफा या आरोपियों का हो एनकाउंटर’ – डॉ. राज शेखावत
परिजनों से मुलाकात के बाद डॉ. राज शेखावत ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नौगई तिहरे हत्याकांड में पीड़ित परिवार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, क्योंकि प्रशासन अब तक उन्हें न्याय देने में नाकाम रहा है।
सीधे तौर पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने प्रदेश के गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की और कहा, “यदि प्रदेश की कानून-व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो गृहमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” इसके साथ ही उन्होंने हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए उनका एनकाउंटर किए जाने की बात भी कही।
CBI या उच्च स्तरीय SIT जांच की उठी मांग
करणी सेना ने इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए इसे CBI या किसी उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) को सौंपने की मांग की है। डॉ. शेखावत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस घटना में किसी भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही या संदिग्ध भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी तत्काल और कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
19 जुलाई को नौगई में ‘श्रद्धांजलि सभा’ के जरिए आर-पार की जंग
मामले को लेकर करणी सेना ने अब बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐलान किया कि आगामी 19 जुलाई को नौगई में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इस सभा में समाज के हजारों लोग एकत्रित होकर मृतकों को श्रद्धांजलि देंगे और बहरी हो चुकी व्यवस्था के खिलाफ न्याय की मांग को और बुलंद करेंगे। करणी सेना ने साफ कर दिया है कि न्याय मिलने तक उनका यह संघर्ष थमने वाला नहीं है।
‘सिर्फ 12 गिरफ्तारियां काफी नहीं, 26 नामजद आरोपियों पर हो एक्शन’
पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने अब तक केवल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जो कि नाकाफी है। इस जघन्य वारदात में करीब 25 से 26 लोगों के नाम सामने आए हैं। प्रशासन को सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने चेताया कि न्याय में हो रही देरी से जनता का आक्रोश भड़क रहा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
16 जून की वो खौफनाक रात: 3 मौतें, 2 अब भी अस्पताल में गंभीर
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए डॉ. राज शेखावत ने कहा कि 16 जून की रात को फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगाए जाने की एक दर्दनाक घटना सामने आई थी। इस बर्बरता में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष एवं जाने-माने व्यवसायी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की असमय और दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, इस घटना में मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे। फिलहाल मयंक सिंह का इलाज बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में और योगेंद्र सिंह का इलाज रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में चल रहा है, जहां दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित परिवार का अल्टीमेटम: ’19 जुलाई तक न्याय नहीं मिला, तो समाज जो कहेगा वही करेंगे’
करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने दोहराया कि संगठन पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। वहीं, मृतक के परिजन राजेंद्र सिंह ‘दद्दा’ ने रुंधे गले से कहा कि उनके परिवार को राजनीति नहीं, सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में दहशत का ऐसा माहौल है कि गवाह सामने आने से कतरा रहे हैं। राजेंद्र सिंह ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 19 जुलाई तक सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है, तो उसके बाद समाज न्याय के लिए जो भी बड़ा फैसला लेगा, उनका पीड़ित परिवार उस फैसले का पूरी तरह समर्थन करेगा।




