मंत्री ने परिजनों को दिलाया न्याय का भरोसा क्या तह तक पहुंच पाएगा मंत्री का भरोसा।
रायपुर/कोरिया जिले के नौगई गांव में भाजपा नेता भरत सिंह की नृशंस हत्या के बाद उपजे तनाव और आक्रोश के बीच, छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम पीड़ित परिवार से मिलने उनके निवास पहुंचे। मंत्री ने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घटना पर दुख प्रकट करते हुए उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
परिजनों का अविश्वास: स्थानीय जांच से संतुष्ट नहीं परिवार
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने अपना दर्द बयां करते हुए स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा सकती है, इसलिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
CBI जांच और अपराधियों पर ‘बुलडोजर’ की मांग
पीड़ित परिवार ने मंत्री के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं, जो इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई हैं:
CBI जांच: परिवार का मानना है कि हत्या के पीछे किसी बड़े रसूखदार का हाथ हो सकता है, जिसकी तह तक जाने के लिए CBI जांच ही एकमात्र रास्ता है।
बुलडोजर कार्रवाई: परिजनों ने मांग की है कि जिस तरह देश के अन्य हिस्सों में अपराधियों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाती है, ठीक उसी तरह मुख्य आरोपियों के अवैध ठिकानों और संपत्तियों को चिन्हित कर उन पर ‘बुलडोजर’ चलाया जाए।
प्रशासन के लिए कड़ी अग्निपरीक्षा
मंत्री रामविचार नेताम के सामने रखी गई ये मांगें शासन-प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। जहां एक ओर सरकार के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार का आक्रोश प्रशासन पर दबाव बना रहा है। अब देखना यह है कि क्या सरकार परिजनों की इन मांगों को स्वीकार कर अपराधियों के खिलाफ कोई कड़ा संदेश देती है या मामला सामान्य धाराओं में ही सिमट कर रह जाएगा।




