रायपुर/सरगुजा: सरगुजा वन मंडल के अंतर्गत उदयपुर परिक्षेत्र के रामनगर ग्राम पंचायत का ‘जोग डभरा पारा’ इन दिनों लकड़ी माफियाओं की गिरफ्त में है। यहाँ वनों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जो स्थानीय वन विभाग के अमले की मिलीभगत और उनकी संदिग्ध भूमिका की ओर सीधा इशारा कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
जोग डभरा पारा में लकड़ी तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े हरे-भरे पेड़ों को काट रहे हैं। इस बात के प्रमाण के रूप में 1001288445.png में कटे हुए पेड़ों के लट्ठे देखे जा सकते हैं, जिन पर बकायदा निशान भी लगाए गए हैं। वहीं, 1001288461.png में इस अवैध गतिविधि के स्थल की भयावह स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
वन अमले की संदिग्ध भूमिका
इतनी बड़ी मात्रा में अवैध कटाई का होना यह साबित करता है कि यह काम बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग का स्टॉप (स्टाफ) या तो जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है या फिर इस पूरे खेल में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी है। वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर अब जनता का भरोसा उठ चुका है।
- संरक्षण का प्रश्न: आख़िर किसके इशारे पर और किसके संरक्षण में यह विनाशकारी काम चल रहा है?
- सरगना कौन?: इस अवैध लकड़ी माफिया नेटवर्क का मास्टरमाइंड (सरगना) कौन है?
- निलंबित कार्यशैली: स्टॉप की निगरानी के बावजूद वनों की कटाई का जारी रहना विभागीय साठ-गांठ की पोल खोल रहा है।
प्रशासन से मांग
बलरामपुर वन मंडल के जंगलों को बचाने के लिए अब उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि यदि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और इस गिरोह के सरगना का पर्दाफाश नहीं हुआ, तो यह अमूल्य वन संपदा पूरी तरह नष्ट हो जाएगी।




