मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB): छत्तीसगढ़ के MCB जिले में सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक असहाय विधवा महिला पिछले 2 वर्षों से अपने हक की ‘विधवा पेंशन’ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते उसे अब तक सहायता राशि नहीं मिल पाई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पुटाडांड (पोस्ट-घुटरा) की निवासी शांति बाई के पति स्व. रामचरण सिंह का निधन 20 अप्रैल 2024 को हो गया था। पति की मृत्यु के बाद शांति बाई ने अपना जीवन यापन करने और सरकारी मदद के लिए ग्राम पंचायत मुंसरा में लगभग 2 वर्ष पूर्व विधवा पेंशन हेतु आवेदन किया था।
प्रशासन के दावों की खुली पोल
पीड़िता का आरोप है कि इतने लंबे समय के बाद भी उसका आवेदन स्वीकृत नहीं किया गया है। आजीविका की गंभीर समस्या से जूझ रही शांति बाई ने थक-हारकर आज 9 जून 2026 को पुनः ‘जनचौपाल’ कार्यक्रम में कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई है।
पीड़िता की व्यथा
शांति बाई ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद से वह अकेली पड़ गई है। पेंशन न मिलने के कारण उसे बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। फाइल “1001232052.jpg” के अनुसार, उसने आधार कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ फिर से अपनी पीड़ा को प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखा है, ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
अब देखना यह होगा कि जनचौपाल में गुहार लगाने के बाद क्या प्रशासन इस गरीब महिला को पेंशन दिलाकर राहत देता है, या फिर उसे एक बार फिर दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।




