रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों ‘खामोशी से पहले का तूफान’ महसूस किया जा रहा है। विष्णुदेव साय सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच, भाजपा की कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह का अचानक दिल्ली दौरा सियासी पारे को सातवें आसमान पर ले गया है। इस दौरे ने न केवल भाजपा के भीतर की अनबन को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, बल्कि सरकार के भविष्य को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘संयोग’ या ‘सियासी संदेश’? एक ही फ्लाइट में सवार हुए धुर विरोधी।

रेणुका सिंह के इस दौरे को लेकर गोपनीयता बरतने की पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन प्रकृति ने कुछ और ही खेल कर दिया। गुरुवार को दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E 5138) को खराब मौसम के कारण नागपुर डायवर्ट करना पड़ा।हैरानी तब हुई जब विमान के अंदर का नज़ारा किसी राजनीतिक महाकुंभ जैसा दिखा। एक ओर रेणुका सिंह थीं, तो दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और पीसीसी चीफ दीपक बैज। भले ही इन दिग्गजों के बीच कोई औपचारिक चर्चा न हुई हो, लेकिन विमान में रेणुका सिंह के पीए का पूर्व सीएम और पीसीसी अध्यक्ष के पीछे खड़े होने वाला फोटो वायरल होते ही छत्तीसगढ़ की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
‘सीएम दीदी’ की नाराजगी और सरकार पर तीखे वार।
विधानसभा चुनाव के दौरान भरतपुर-सोनहत में “सीएम दीदी” के नारों के साथ गूंजने वाली रेणुका सिंह आज खुद को सरकार से अलग-थलग पा रही हैं। मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से लेकर मंत्रिमंडल में जगह न मिलने तक, रेणुका सिंह का दर्द और गुस्सा समय-समय पर छलक कर बाहर आता रहा है।
‘सरकार में रावण’: प्रशासनिक व्यवस्था पर उनके तीखे हमले ने भाजपा आलाकमान को भी असहज किया है।वायरल ऑडियो का रहस्य: उनका एक कथित ऑडियो, जिसमें वे भूपेश बघेल के अगले सीएम बनने और जेल भेजने की बात कर रही थीं, ने पार्टी की नींव हिलाकर रख दी थी।
क्या दिल्ली से बुलावा आया या ‘दीदी’ ने दी दस्तक?
सवाल यह है कि आखिर इस संवेदनशील समय में रेणुका सिंह की दिल्ली दौड़ क्यों?मंत्रिमंडल विस्तार क्या खाली पदों को भरने के लिए दिल्ली ने उन्हें ‘मना कर’ बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है?संगठन में संदेश क्या आलाकमान ने रेणुका सिंह की बढ़ती नाराजगी को थामने के लिए उन्हें विशेष बुलावा भेजा था?
अगला कदम: रेणुका सिंह का रायपुर लौटना किसी बड़े राजनीतिक ‘धमाके’ की आहट है या फिर यह महज एक शिष्टाचार भेंट थी?
नजरें रायपुर पर टिकीं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि रेणुका सिंह की दिल्ली यात्रा का असली फल क्या होगा, यह जल्द ही साय सरकार के आगामी फैसलों में नजर आएगा। क्या रेणुका सिंह को मंत्रिमंडल में जगह देकर उनका गुस्सा शांत किया जाएगा, या फिर ‘दीदी’ कोई और बड़ा सियासी दांव चलने वाली हैं?




