मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। मनेन्द्रगढ़ शहर के बीचों-बीच स्थित हरियाणा भवन पर नियमों की धज्जियाँ उड़ाने और स्थानीय निवासियों की शांति भंग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। देर रात तक डीजे के तेज शोर और उस पर रोक लगाने का प्रयास करने वालों के साथ हुई बदसलूकी से आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने सिटी कोतवाली पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के मुख्य बिंदु:
- ध्वनि नियमों का उल्लंघन: हरियाणा भवन प्रबंधन पर आरोप है कि वे व्यवसायिक लाभ के लिए नियमों के विपरीत देर रात तक अत्यधिक तीव्रता के साथ डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन करते हैं, जिससे आसपास रहने वालों का जीवन दूभर हो गया है।
- स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव: शोर के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है और उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
- धमकाने और हमले का प्रयास: स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने प्रबंधन और बुकिंग कराने वालों से शांति की अपील की, तो उन्हें अपमानित किया गया। हद तो तब हो गई जब 26 जून 2026 की रात को तेज आवाज का विरोध करने पर जयचंद बोथरा द्वारा शिकायतकर्ता और उनके बेटे पर हमला करने का प्रयास किया गया।
- सीसीटीवी साक्ष्य उपलब्ध: शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि उनके पास उक्त हमले के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जो प्रबंधन की गुंडागर्दी का प्रमाण हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा
पीड़ित परिवारों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी व्यथा रखी है और मांग की है कि केवल समझाइश से काम नहीं चलेगा। पुलिस अधिकारियों से यह अपेक्षा की गई है कि वे संबंधित पक्षों पर तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज करें और भविष्य में हरियाणा भवन में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए ठोस निगरानी सुनिश्चित करें।
यह मामला अब स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता और कानून-व्यवस्था के प्रति उनकी संवेदनशीलता की परीक्षा बन चुका है। क्या प्रशासन इस ‘ध्वनि आतंक’ को रोकने में सफल होगा या पीड़ित परिवार इसी तरह प्रताड़ित होते रहेंगे?




