रायपुर/छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक तस्वीर ने हड़कंप मचा दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े की एक योग करती हुई तस्वीर ने विपक्ष को भाजपा पर निशाना साधने का सुनहरा मौका दे दिया है।
विवादित तस्वीर: सत्ता की सीढ़ी को ही बना डाला पायदान!
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामने आई तस्वीर 1001334907.jpg में मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े योगासन करती दिख रही हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर में जो सबसे ज्यादा खटक रहा है, वह है उनका पहनावा। मंत्री जी ने जो कपड़े पहने हैं, उन पर भाजपा का चुनाव चिन्ह ‘कमल’ अंकित है और वे उसी कमल पर पैर रखकर योगासन कर रही हैं, जिसने उन्हें सत्ता के शिखर तक पहुंचाया है।
गुलाब कमरो का तगड़ा हमला: “संस्कार और सम्मान कहाँ हैं?”
- पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस मामले को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
- उन्होंने सीधा सवाल दागा है कि जिस कमल के चुनाव चिन्ह ने भाजपा को सत्ता दिलाई, क्या उसी का पैरों तले अपमान करना उचित है?
- कमरो ने भाजपा के दोहरे चरित्र पर चोट करते हुए कहा कि यदि यह गलती किसी विपक्षी नेता से हुई होती, तो भाजपा इसे संस्कृति और आस्था का अपमान बताकर हंगामा खड़ा कर देती।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब भाजपा को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह साबित करना चाहिए कि उनके ‘संस्कार और सम्मान’ केवल भाषणों में नहीं, बल्कि आचरण में भी हैं।
विवादों का ‘कैरी फॉरवर्ड’: मंत्री जी का पुराना नाता!
विपक्ष का आरोप है कि मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े अपने कारनामों से लगातार सरकार को मुश्किल में डाल रही हैं। इससे पहले भी कई मामले सुर्खियों में रहे हैं:
- बैठकर रोपा लगाने का वाकया हो।
- मंगलसूत्र घोटाला का आरोप हो।
- या फिर साड़ी घोटाला, मंत्री जी आए दिन विवादों के घेरे में रहती हैं।
अब सवाल यह है कि अपनी ही पार्टी के प्रतीक को पैरों तले रौंदने के बाद क्या भाजपा आलाकमान मंत्री जी पर कोई कार्रवाई करेगा या यह मामला भी केवल जुबानी जंग तक ही सीमित रहेगा?
इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है—क्या यह आस्था का अपमान है या सिर्फ एक अनजाने में हुई चूक?




