मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के वार्ड नंबर 07 और 14 में आ रहा है जहरीला पानी।

अधिकारियों ने दिया 10 दिन का समय; मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।
मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आने वाले कई वार्डों में इन दिनों पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मुख्य रूप से वार्ड नंबर 07 और वार्ड नंबर 14 में लंबे समय से अत्यंत दूषित और गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। इस दूषित पानी के इस्तेमाल से स्थानीय नागरिकों और बच्चों में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
जनता की आवाज बनकर धरने पर बैठे कांग्रेसी नेता।
शहर के नागरिकों को साफ पानी दिलाने और नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही को उजागर करने के लिए कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका क्षेत्र में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। नेताओं का कहना है कि प्रशासन जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है और बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासनिक अमले में हड़कंप, 10 दिनों के भीतर सुधार का मिला आश्वासन।

कांग्रेस के इस तीखे प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। प्रशासन ने माना कि पानी की सप्लाई में तकनीकी खराबी या गंदगी की समस्या है और इसे दुरुस्त करने के लिए 10 दिनों का समय मांगा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तय समय-सीमा के भीतर दूषित पानी की समस्या को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
फिलहाल धरना स्थगित, पर कांग्रेसियों ने दी ‘उग्र आंदोलन’ की सीधी चेतावनी।
प्रशासन से मिले ठोस आश्वासन के बाद कांग्रेसी नेताओं ने अपने वर्तमान धरने को संपत्ति (समाप्ति) की ओर बढ़ाया और इसे अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा (स्थगित कर) दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह राहत सिर्फ 10 दिनों के लिए है। अगर दिए गए समय के भीतर नगर पालिका ने दूषित पानी की समस्या को जड़ से खत्म नहीं किया, तो आने वाले समय में यह धरना प्रदर्शन बेहद उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।




