रायपुर/बैकुंठपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक बयान ने जबरदस्त सियासी हलचल पैदा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के एक विवादास्पद बयान ने विपक्षी दलों को प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एक बड़ा हथियार थमा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत भरतपुर-सोनहत की विधायक रेणुका सिंह के एक कथित वायरल ऑडियो से हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्रदेश की सरकार “ऊपर से चल रही है”। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म थीं, जिस पर विराम लगाने के बजाय अनुराग सिंह देव के बयान ने आग में घी का काम किया है।
15 जून को बैकुंठपुर रेस्ट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जब मीडिया ने अनुराग सिंह देव से इस वायरल ऑडियो को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने इसे खारिज करने के बजाय इसकी पुष्टि कर दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “सरकार तो ऊपर से ही चलती है”। इसके बाद उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री जी तो पूरा देश चला रहे हैं।”
विपक्ष हुआ हमलावर
भाजपा के इन बयानों के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने इस मुद्दे पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के इन बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की चुनी हुई सरकार की अपनी कोई स्वतंत्र सत्ता नहीं है और यहाँ का शासन पूरी तरह से ‘रिमोट कंट्रोल’ से संचालित हो रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
जानकारों का मानना है कि भाजपा के अपने ही वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिए गए इन बयानों ने प्रशासनिक स्वायत्तता और सत्ता के संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष इसे ‘संविधानिक मर्यादा’ और ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ से जोड़कर आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है।
सत्ता पक्ष के लिए बनी चुनौती
अनुराग सिंह देव का यह बयान भाजपा के लिए बैकफुट पर आने जैसा है। जहाँ एक ओर विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर भी इस बयान को लेकर असहज स्थिति उत्पन्न हो गई है। आगामी दिनों में यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में और कितना तूल पकड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।




