खड़गवां/एमसीबी: जिले में खाद, बीज और डीजल की किल्लत से जूझ रहे अन्नदाताओं की बदहाली को लेकर कांग्रेस ने आज सड़क पर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी एमसीबी ने खड़गवां में जोरदार प्रदर्शन और चक्काजाम किया। पूर्व विधायक गुलाब कमरो और जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों की पोल खोल दी है।
सड़क पर उतरे कांग्रेसी, सरकार के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी
आंदोलन में जिला कांग्रेस, महिला, युवा, एनएसयूआई, आदिवासी और किसान कांग्रेस सहित तमाम प्रकोष्ठों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम कर खड़गवां की सड़कों को पूरी तरह बाधित कर दिया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का आक्रोश साफ दिख रहा था कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में किसान बुनियादी संसाधनों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
नेताओं की दो-टूक: “किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं”
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा, “भाजपा सरकार की किसान विरोधी मानसिकता के कारण आज अन्नदाता खाद-बीज के लिए परेशान है। खेती चौपट हो रही है, लेकिन सरकार सोई हुई है। कांग्रेस किसानों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।”
वहीं, पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “प्रदेश का किसान खाद और डीजल के लिए भटक रहा है और सरकार उदासीन बनी हुई है। यदि तत्काल व्यवस्था नहीं सुधरी, तो कांग्रेस का यह आंदोलन और भी व्यापक होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
तहसीलदार को सौंपा अल्टीमेटम।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने खड़गवां तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने मांग की है कि:
जिले के सभी केंद्रों पर पर्याप्त खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
डीजल की किल्लत को फौरन दूर किया जाए।
कृषि संकट के समाधान के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
क्या प्रशासन की नींद खुलेगी?
कांग्रेस के इस ‘शक्ति प्रदर्शन’ और अल्टीमेटम के बाद अब देखना यह है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं पर कितनी गंभीरता दिखाता है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।




