
जिला शिक्षा अधिकारी का कड़ा रुख, शैक्षणिक स्तर सुधारने की कवायद तेज।
एमसीबी (MCB) जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और शैक्षणिक माहौल को सुदृढ़ करने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान छेड़ दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे के नेतृत्व में लगातार विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि पठन-पाठन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
पूरक परीक्षा वाले छात्रों पर विशेष फोकस।
प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान उन विद्यार्थियों पर है, जिन्हें पूरक (Supplementary) परीक्षा में शामिल होना है। इन छात्रों के शैक्षणिक स्तर को उठाने और उन्हें परीक्षा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विशेष ‘मॉक टेस्ट’ का आयोजन किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि पूरक परीक्षा देने वाले प्रत्येक छात्र की कमजोरी को समझकर उसे दूर किया जाए।
विकासखंड स्तर पर आकस्मिक निरीक्षण।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सक्रियता सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) खड़गवां द्वारा स्कूलों में औचक निरीक्षण किया गया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंवारपुर: यहाँ ‘पूरक अवसर मॉक टेस्ट 2026’ का आयोजन किया गया। हिंदी विषय के मॉक टेस्ट में 02 छात्र पंजीकृत थे और दोनों ही परीक्षार्थी उपस्थित मिले।शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कंजिया: यहाँ दूसरे विषयों के लिए मॉक टेस्ट की प्रक्रिया का जायजा लिया गया।
गुणवत्ता सुधार कर बेहतर रैंकिंग की ओर अग्रसर MCB।
जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे के सतत भ्रमण और निरंतर मॉनिटरिंग का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। विभाग का लक्ष्य शिक्षा के क्षेत्र में जिले की वर्तमान स्थिति (33 अंक से ऊपर) में सुधार लाना है। अधिकारियों के इस प्रयास से न केवल शिक्षकों में जवाबदेही बढ़ी है, बल्कि आने वाले समय में जिले का शैक्षणिक स्तर और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।




