राष्ट्रीय राजमार्ग-43 की सीमा में लगे फ्लेक्स-बोर्ड हटाने का फरमान, 8 दिन बाद भी पालन पर सवाल
कृष्णा प्रिंटिंग प्रेस, खालसा फ्लेक्स प्रिंटिंग और एस.एम. फ्लेक्स को 3 दिन में बोर्ड हटाने के निर्देश
मनेन्द्रगढ़। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत पहुंचने के बाद लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग-43 की सीमा में लगाए गए प्रचार-प्रसार संबंधी फ्लेक्स-बोर्ड हटाने के लिए तीन संचालकों को सख्त नोटिस जारी किया, लेकिन विभागीय आदेश के 8 दिन बाद भी कार्रवाई और पालन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग मनेन्द्रगढ़ के दस्तावेजों के अनुसार सीएम हेल्पलाइन टोकन क्रमांक WP260800163203, दिनांक 24 अगस्त 2026 के आधार पर 25 अगस्त को संबंधितों को नोटिस जारी किए गए। आदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा से बोर्ड तीन दिवस के भीतर हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
तीन फ्लेक्स संचालक सीधे निशाने पर
विभाग के आदेश में कृष्णा प्रिंटिंग प्रेस, मनेन्द्रगढ़ का उल्लेख करते हुए किमी 250+600, सिंह पेट्रोल पंप के पास लगाए गए प्रचार बोर्ड को हटाने के निर्देश दिए गए।इसी तरह खालसा फ्लेक्स प्रिंटिंग, मनेन्द्रगढ़ को किमी 252+600 में लगाए गए बोर्ड को हटाने का आदेश दिया गया।वहीं एस.एम. फ्लेक्स, मनेन्द्रगढ़ के मामले में किमी 248+900, 248+925, 249+670, 256+840, 256+990, 257+420 एवं 257+700 सहित कई स्थानों पर लगाए गए प्रचार-प्रसार संबंधी बोर्डों का उल्लेख किया गया है।
दुर्घटना हुई तो कौन होगा जिम्मेदार?
विभाग ने अपने नोटिस में साफ चेतावनी दी है कि बोर्डों को निर्धारित समय में नहीं हटाया गया तो भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।लेकिन सवाल यह है कि जब विभाग ने खुद तीन दिन की समयसीमा तय कर दी थी, तो उसके बाद मौके पर क्या कार्रवाई हुई? क्या सभी बोर्ड हटाए गए? यदि हटाए गए तो उसका पालन प्रतिवेदन क्या है? और यदि अब भी बोर्ड मौजूद हैं तो विभागीय आदेश का पालन कराने में देरी क्यों?
कागज पर आदेश, जमीन पर अमल कब?
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिकायत सीधे CM हेल्पलाइन में पहुंची थी। शिकायत के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए आदेश भी जारी कर दिया, लेकिन आदेश के बाद उसकी मॉनिटरिंग पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
एक ओर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा और नियमों की बात, दूसरी ओर विभागीय आदेश के पालन में कथित सुस्ती—मनेन्द्रगढ़ में यह मामला अब सरकारी कार्रवाई की परीक्षा बन गया है।अब सवाल सिर्फ फ्लेक्स हटाने का नहीं, बल्कि यह है कि CM हेल्पलाइन की शिकायत का वास्तविक निराकरण कब होगा और 25 अगस्त के विभागीय आदेश पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक जमीन पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे?






