जल संसाधन विभाग के EE पर सवाल! ऑफिस में मौजूदगी का दावा, लेकिन चेंबर से नदारद रहने की शिकाय
कोरिया जिले में जल संसाधन विभाग के अधिकारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, कार्यालयीन उपस्थिति और फील्ड कार्यों की हो जांच
कोरिया। जिले के जल संसाधन विभाग में पदस्थ कार्यपालन अभियंता (EE) की कार्यालय में उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अधिकारी अक्सर अपने चेंबर में मौजूद नहीं रहते, लेकिन संपर्क करने पर उनके द्वारा कार्यालय में ही होने की बात कही जाती है।मामला जल संसाधन विभाग के एक ऐसे अधिकारी से जुड़ा है, जिनकी जिम्मेदारी विभागीय कार्यों की निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, जब लोग उनसे मिलने या विभागीय कार्यों के सिलसिले में कार्यालय पहुंचते हैं, तो कई बार अधिकारी अपने चेंबर में नहीं मिलते। वहीं, अधिकारी की ओर से कार्यालय में मौजूद होने की बात कहे जाने का दावा किया जा रहा है।
फील्ड कार्य या निजी काम? उठ रहे सवाल
सरकारी अधिकारियों का फील्ड में जाकर विभागीय कार्यों का निरीक्षण करना उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा है। लेकिन यदि कोई अधिकारी फील्ड में है, तो उसके दौरे और विभागीय कार्यों की जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। ऐसे में सवाल उठता है कि अधिकारी वास्तव में विभागीय कार्यों में व्यस्त रहते हैं या उनकी अनुपस्थिति के पीछे कोई अन्य वजह है?जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही जरूरीसरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों और विभागीय कार्यों से आने वाले लोगों को अधिकारियों से मिलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि कार्यपालन अभियंता लगातार कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, तो उनकी उपस्थिति, फील्ड विजिट और विभागीय कार्यों की समीक्षा की जानी चाहिए।अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली की जांच कराते हैं या नहीं।बड़ा सवाल: जब अधिकारी कार्यालय में मौजूद होने का दावा करते हैं, तो फिर उनके चेंबर में नहीं मिलने की शिकायतों की सच्चाई क्या है? इसका जवाब जांच और आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट हो सकेगा।नोट: खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित EE का नाम, अनुपस्थिति की तारीखें और उनका आधिकारिक पक्ष जरूर शामिल करें, ताकि समाचार तथ्यात्मक और संतुलित रहे।





