NIEPA के राष्ट्रीय सम्मेलन में पद्मश्री जे.एस. राजपूत ने किया सम्मानित, शिक्षा क्षेत्र में योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना
कोरिया। आदिवासी अंचल कोरिया की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय मंच पर बड़ी पहचान मिली है। जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गुप्ता को नई दिल्ली में आयोजित NIEPA के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। पद्मश्री जे.एस. राजपूत के हाथों मिले इस सम्मान ने कोरिया जिले का गौरव बढ़ाया है।
देशभर के शिक्षा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शिक्षा प्रशासन से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में कोरिया के जिला शिक्षा अधिकारी को सम्मान मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। शिक्षा प्रशासन और शैक्षणिक क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान से जिले के शिक्षा विभाग में उत्साह का माहौल है।
राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, जिले के लिए गौरव
कोरिया जैसे क्षेत्र से आने वाले शिक्षा अधिकारी का राष्ट्रीय स्तर के मंच पर सम्मानित होना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह उपलब्धि केवल एक अधिकारी का सम्मान नहीं, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली और यहां किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलने के रूप में देखी जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में जितेंद्र कुमार गुप्ता जिले में स्कूली शिक्षा से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी योगदान को राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मान के रूप में मान्यता मिलना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है।
पद्मश्री के हाथों सम्मान ने बढ़ाया गौरव
राष्ट्रीय सम्मेलन में पद्मश्री जे.एस. राजपूत द्वारा सम्मान प्रदान किया जाना इस उपलब्धि को और खास बनाता है। राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा मंच पर मिले इस सम्मान से कोरिया का नाम देशभर के शिक्षा जगत में पहुंचा है।
सम्मान की खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और जिलेवासियों में खुशी की लहर है। इसे कोरिया के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
कोरिया की शिक्षा व्यवस्था को मिली नई पहचान
इस सम्मान के बाद अब जिले में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय मंच पर मिली यह उपलब्धि विभाग के लिए प्रेरणा का काम करेगी और जिले की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का मनोबल भी बढ़ाएगी।
राष्ट्रीय सम्मेलन में कोरिया के DEO का सम्मान—एक अधिकारी की उपलब्धि से आगे बढ़कर पूरे जिले के शिक्षा जगत के लिए गौरव का क्षण बन गया है।






