सोनवर्षा (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर):से सीतासरण साहू
एक तरफ सरकार ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ और ‘सब पढ़े सब बढ़े’ जैसे नारों का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सोनवर्षा के वार्ड क्रमांक 07 से एक बेहद खौफनाक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहाँ स्कूली बच्चे रोजाना मौत के साए में पढ़ाई करने जाने को मजबूर हैं।
रोजाना मौत से सामना
उफनती नदी और कच्चा रास्ता: बारिश के दिनों में उफनते नाले और कीचड़ से सने कच्चे रास्तों से होकर छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पहुँचते हैं।
अभिभावकों में दहशत: बच्चों के स्कूल जाने के बाद से घर लौटने तक परिजनों की सांसें अटकी रहती हैं कि कहीं कोई बच्चा तेज बहाव में न बह जाए।
विकास के दावों की पोल: आजादी के दशकों बाद भी इस क्षेत्र के ग्रामीणों और मासूम बच्चों को एक अदद पक्की सड़क और पुल नसीब नहीं हुआ है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सीधे सवाल
सरपंच और सचिव से: पंचायत स्तर पर मूलभूत सुविधाओं के लिए आने वाले फंड और प्रस्तावों में इस वार्ड की अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही पंचायत की नींद खुलेगी?
जिला प्रशासन व कलेक्टर से: दूरदराज के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में शिक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही योजनाओं में सोनवर्षा वार्ड 07 कब शामिल होगा? इस नाले पर पुल और पक्की सड़क की स्वीकृति कब दी जाएगी?





