मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB): सरकार द्वारा हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने के महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ का सपना MCB जिले के मनेंद्रगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत चनवारीडांड में दम तोड़ता नजर आ रहा है। यहाँ पानी टंकी निर्माण कार्य में ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता का ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जो विकास कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
निर्माण में घटिया सामग्री और सुस्ती
मिली जानकारी के अनुसार, चनवारीडांड में बन रही पानी टंकी का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह न केवल समय सीमा के भीतर पूरा होता नहीं दिख रहा, बल्कि इसके निर्माण में उपयोग किए जा रहे मानकों पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। संलग्न चित्र में टंकी की जो दयनीय स्थिति दिखाई दे रही है, वह निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही और घटिया निर्माण की पोल खोल रही है। बांस-बल्लियों के सहारे खड़ी यह अधूरी संरचना किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
कलेक्टर के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां
जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने सख्त निर्देषित किया है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, चनवारीडांड में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से योजनाओं के क्रियान्वयन में ‘पलीता’ लगाया जा रहा है। सवाल यह है कि प्रशासनिक सख्ती के बाद भी जमीनी स्तर पर कार्य में इतनी लापरवाही कैसे बरती जा रही है?
ग्रामीणों में आक्रोश, जाँच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह टंकी उनके लिए सुविधा के बजाय खतरा बनती जा रही है। लंबे समय से चल रहा यह कछुआ छाप निर्माण और मानकों की अनदेखी स्पष्ट करती है कि ठेकेदार को न तो शासन के नियमों की परवाह है और न ही जनता की सुविधा की।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझते हुए दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर कोई कड़ी कार्रवाई करता है, या फिर यह योजना फाइलों और अधूरी संरचनाओं के बीच ही दम तोड़ देगी?




