सोनहत (कोरिया), 04 जुलाई 2026:छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत ग्राम पंचायत में राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है। ग्राम पंचायत सोनहत की सरपंच श्रीमती मानमती सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक (SP) को सौंपे गए शिकायती पत्र पर पूर्व उप-सरपंच राजेंद्र प्रसाद साहू ने पलटवार करते हुए इसे एक बड़ा सियासी ड्रामा करार दिया है। राजेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरपंच के सभी आरोपों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया है।
’अविश्वास प्रस्ताव’ की खुन्नस निकाल रही हैं सरपंच।
पूर्व उप-सरपंच राजेंद्र प्रसाद साहू ने खुलकर मोर्चा खोलते हुए कहा कि यह सब उनके खिलाफ छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनकी चाची ग्राम पंचायत में निर्वाचित पंच हैं। कुछ दिनों पूर्व सरपंच मानमती सिंह के खिलाफ पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें उनकी चाची ने न केवल हस्ताक्षर किए, बल्कि सरपंच के विरोध में मतदान भी किया। साहू का आरोप है कि इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बौखलाकर और अविश्वास प्रस्ताव की खुन्नस निकालने के लिए सरपंच द्वारा यह झूठी और काल्पनिक कहानी रची गई है।
पुराना इतिहास: पहले भी अधिकारियों और स्थानीय लोगों को फंसाने का रहा है रिकॉर्ड।
राजेंद्र साहू ने सरपंच के पुराने मामलों का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए बताया कि सरपंच मानमती सिंह और उनके परिवार का पहले भी लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का इतिहास रहा है।वर्ष 2021 का मामला सरपंच मानमती सिंह और उनके पति दिनेश कुमार सिंह द्वारा जनपद पंचायत सोनहत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) राजेश सिंह सेंगर और एक स्थानीय सम्मानित व्यक्ति के खिलाफ इसी तरह की झूठी कहानी बनाकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।दबाव में FIR और पुलिस जांच उस वक्त दबाव बनाकर थाना अजाक बैकुंठपुर में गंभीर धाराओं (SC/ST एक्ट समेत) के तहत FIR दर्ज कराई गई थी, जिससे निर्दोष अधिकारियों और नागरिकों को भारी मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।खुलासा और खात्मा जब पुलिस प्रशासन ने मामले की गहराई से जमीनी जांच की, तो सरपंच पक्ष की शिकायत सफेद झूठ पाई गई। नतीजतन, पुलिस द्वारा खारिजी क्रमांक 03/2021 दिनांक 13.07.2021 तैयार कर दर्ज FIR को पूरी तरह खारिज कर दिया गया और न्यायालय में खारिजी रिपोर्ट पेश की गई।
जांच में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होगा: राजेंद्र साहू
राजेंद्र साहू ने कड़े शब्दों में कहा:
”मुझ पर बैठक में दुर्व्यवहार करने या रास्ता रोककर धमकी देने के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। मैं कानून का सम्मान करने वाला नागरिक हूँ। पूर्व के मामलों की तरह इस बार भी सच की ही जीत होगी।”
उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की भी निष्पक्ष व गहन जमीनी जांच की जाए, जिससे सरपंच के झूठे दावों, ब्लैकमेलिंग की आदत और राजनीतिक द्वेष की पोल एक बार फिर सबके सामने खुल सके।
सोनहत में छिड़े इस नए विवाद ने अब पूरे जिले का सियासी पारा गरमा दिया है और हर किसी की नजर अब पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।




