रायपुर/अंबिकापुर: सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में आज पत्रकारों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। ‘प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन’ (नई दिल्ली) की छत्तीसगढ़ इकाई ने एक गंभीर मामले को लेकर अंबिकापुर कलेक्टर अजीत बसंत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
क्या है पूरा मामला?
यह रोष जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के द्वारा ‘बुलंद मीडिया’ दैनिक अखबार के हॉकर के साथ की गई मारपीट की घटना के बाद भड़का है। पत्रकारों का आरोप है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा अखबार बांटने वाले कर्मचारी के साथ ऐसी अभद्र और हिंसक हरकत करना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह मीडिया की स्वतंत्रता पर सीधा हमला भी है।
अफसरशाही पर गंभीर सवाल।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि केवल एक घटना नहीं, बल्कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे बैठे कुछ अधिकारियों की ‘भर्राशाही’ (मनमानी) से पूरा पत्रकार जगत परेशान है। पत्रकारों का तर्क है कि लंबे समय से एक ही कुर्सी पर जमे रहने के कारण अधिकारियों में अहंकार पैदा हो गया है, जिसके चलते वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ भी बदसलूकी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
पत्रकारों की दो टूक चेतावनी।
‘प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन’ ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है अधिकारी पर कार्रवाई: मारपीट करने वाले अपर संचालक संजीव तिवारी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।स्थानांतरण की मांग वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए अधिकारियों का तुरंत तबादला किया जाए, ताकि उनकी मनमानी पर लगाम लग सके।सुरक्षा का संकल्प पत्रकारों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। इस प्रकार की लापरवाही और गुंडागर्दी छत्तीसगढ़ का पत्रकार जगत अब कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।सरगुजा संभाग के सभी पदाधिकारियों ने एक टूक बात की गलत बर्दास्त नहीं किया जाएगा।राजन पाण्डेय कोरिया प्रदेश उपाध्यक्ष,संतोष विश्वकर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष अंबिकापुर,प्रदीप पाटकर कोरिया जिला उपाध्यक्ष, महेंद्र शुक्ला जिला अध्यक्ष मनेन्द्रगढ़, बालकरण सोनपाकर, नीलेश सोनी सोनहत, दुर्गेश विश्वकर्मा अम्बिकापुर, विनोद उरांव बगीचा, अशोक भोशले बगीचा ,कामेश्वर सिंह उदय पुर, संतोष सोनी बगीचा ,राजकुमार गुप्ता अम्बिकापुर, अंजली तिर्की अम्बिकापुर, फिबियन्स तिर्की अम्बिकापुर, जितेंद्र बिंदु अम्बिकापुर सभी पत्रकार ने कलेक्टर से मिलकर बताया वस्तु स्थिति।
“पत्रकारिता लोकतंत्र का आईना है, और इस पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।” – एसोसिएशन के पदाधिकारियों का बयान।




