2013 से पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता को शीर्ष नेतृत्व ने फिर सौंपी जिम्मेदारी, फैसले से कोरबा के कार्यकर्ताओं में उत्साह
कोरबा। आम आदमी पार्टी ने कोरबा में संगठन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष रमा शंकर मिश्रा का त्यागपत्र अस्वीकार कर दिया है। पार्टी के इस निर्णय को संगठन के पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं पर नेतृत्व के भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी के अनुसार, रमा शंकर मिश्रा ने 5 अगस्त 2026 को अपना त्यागपत्र दिया था। प्रदेश प्रभारी एवं दिल्ली विधायक मुकेश अहलावत के निर्देश तथा प्रदेश सह प्रभारी राकेश जाटव और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्षों अभिषेक मिश्रा, उत्तम जायसवाल एवं देवलाल नरेटी की अनुशंसा के बाद त्यागपत्र को अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया।
31 अगस्त 2026 के आदेश क्रमांक AAP-CG/201/08-25-26 में पार्टी ने कहा है कि रमा शंकर मिश्रा वर्ष 2013 से आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं और उन्होंने संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। पार्टी ने आगे भी उनसे संगठन के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की अपेक्षा जताई है।
13 साल की निष्ठा पर नेतृत्व की मुहर
रमा शंकर मिश्रा के त्यागपत्र को नामंजूर किए जाने को कोरबा संगठन के लिए महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। वर्ष 2013 से पार्टी के साथ जुड़े मिश्रा ने लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई है। पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर दोबारा भरोसा जताए जाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
संगठन को मजबूत करने पर जोर
त्यागपत्र अस्वीकार किए जाने के बाद अब कोरबा में आम आदमी पार्टी के संगठन को और सक्रिय करने की चुनौती भी रमा शंकर मिश्रा के सामने होगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले से पुराने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में आदेश प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा और प्रदेश संगठन महामंत्री जसबीर सिंह चावला की ओर से जारी किया गया है। कोरबा लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के फैसले पर आभार जताते हुए उम्मीद जाहिर की है कि मिश्रा के नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिलेगी।






