जब माैत के सन्नाटे में समाई थी जिंदगी:32 फुट की गहराई से निकला 26 साल पुराना राज, स्कूल ड्रेस से बड़ा खुलासा

Share this post:

अक्तूबर 2000 में हुआ था हादसा

गांव कोटला में सभी ने उम्मीद छोड़ दी थी कि आज से 26 साल पहले 20 अक्तूबर 2000 को नहर में गिरे लोगों का कभी पता भी चलेगा। इस वैन में कोटला में मिठाई की दुकान करने वाले मुनी लाल (36), तेजराम (37) वैन के ड्राईवर, किसान सुरजीत सिंह और उसका आठ साल का बेटा कालू सवार थे। सभी शादी से लाैट रहे थे तभी वैन के साथ सभी नहर में समा गए थे। तब परिजनों और गांव वालों ने उन्हें ढूंढने के लिए बहुत प्रयास किए थे लेकिन तब उनका कोई पता नहीं चल पाया था।

 


Van Found After 26 Years After in Bhakra Canal in ropar

मातम मनाते परिजन
– फोटो : संवाद


लंबे समय तक चली थी तलाश

 

 

अब इलाके के सक्रिय गोताखोर कमलप्रीत सैनी को भाखड़ा नहर में एक व्यक्ति के शव की तलाश का काम साैंपा गया था। इसी दौरान उन्हें एक कार नहर की गहराई में मिली और उन्होंने कार को रस्सियों से बांधकर पुलिस की निगरानी में स्थानीय लोगों की सहायता से बाहर निकाला।

जब कार डूबी तब उसमें सवार सभी एक शादी समारोह में शिरकत करके गांव लौट रहे थे। भाखड़ा नहर में डूबी ओमनी वैन को ढूंढ़ने के लिए परिवार और इलाके के लोगों ने धनरात्रि एकत्र करके गोताखोरों की टीम भी बुलाई थी। हरिद्वार और देहरादून तक से तीन चार बार गोताखोरों की टीमों को बुलाया था। टीमों ने पहली बार आठ किलोमीटर तक और दूसरी बार सोलह किलोमीटर तक भाखड़ा नहर का चप्पा चप्पा छान मारा लेकिन कार नहीं मिली थी। इन टीमों को परिजनों व गांववासियों ने कुल ढाई लाख से भी ज्यादा की राशि उन दिनों दी थी।

 


Van Found After 26 Years After in Bhakra Canal in ropar

कार से मिलीं हड्डियां
– फोटो : संवाद


क्षतिग्रस्त कार में मिली हड्डियां व कालू की कमीज

 

 

गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने बताया कि ओमनी वैन की पिछली सीट और वैन की छत का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। कार में से हड्डियां मिली हैं और एक स्कूल ड्रेस वाली कमीज मिली है जो आठ साल के कालू की है।

 


Van Found After 26 Years After in Bhakra Canal in ropar

नहर से बरामद कार
– फोटो : संवाद


पातालपुरी साहिब में विसर्जन

 

 

मुनी लाल के परिजन दीपक कुमार ने बताया कि जब हादसा हुआ तो वे खुद बच्चे थे। परिवारों ने तो आस ही छोड़ दी थी कि कभी अब नहर में डूबी वैन का कुछ पता चलेगा। अब बुरी तरह क्षतिग्रस्त वैन मिली है और उसमें से उनके परिजनों की कुछ अस्थियां मिली हैं जिनका परिजनों द्वारा पूरे रीति रिवाज के साथ पातालपुरी साहिब कीरतपुर साहिब में जाकर विसर्जन किया गया है।

मुनी लाल के बेटे गुरविंदर सिंह, पत्नी सीता देवी और तेजराम के बेटे भूपिंदर सिंह व पत्नी परमजीत कौर ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि परमात्मा ने उनको 26 साल तड़पाया पर इस बात का सुकून भी है कि अपने परिजनों की अस्थियों का वो अपने हाथों से विसर्जन कर पाए हैं। एसएचओ कीरतपुर साहिब राहुल शर्मा ने कहा कि मामला पुराना है। कानून मुताबिक पुलिस कार्रवाई की जा रही है।

 


Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Chhattisgarh Dabang News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x