ब्यूरो रिपोर्ट चिरमिरी। शहर में बिक रही कथित मिलावटी और नकली शराब के काले कारोबार के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) का दरवाजा खटखटाकर हड़कंप मचा दिया है। उनकी शिकायत के बाद आबकारी विभाग की टीम ने जैसे ही चिन्हित शराब दुकानों पर दबिश दी, पूरे शहर में हड़कंप मच गया और वर्षों से नकली शराब से त्रस्त जनता के बीच कौतुहल का माहौल बन गया।
कांग्रेस नेता ने आबकारी विभाग और सत्ताधारी दल के बिचौलियों पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि चिरमिरी की कमोबेश सभी देशी और अंग्रेजी शराब दुकानों में वर्षों से मिलावट का खेल चल रहा है, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी ‘ऊपर से नीचे तक’ की मिलीभगत के कारण जिम्मेदार विभाग मौन साधे बैठा है।
“आज आप आए हो, तो आज तो अच्छा मिलेगा ही…” – जाँच टीम के सामने छलका ग्राहकों का दर्द
पूर्व महापौर की शिकायत पर कल आबकारी विभाग की टीम जाँच करने जमीन पर उतरी। डोमनहिल, गोदरीपारा और छोटा बाजार स्थित शराब दुकानों में जब जाँच टीम पहुँची, तो वहाँ मौजूद ग्राहकों ने टीम के सामने ही सच उगल दिया। ग्राहकों ने साफ तौर पर कहा कि:
“दुकानों में पानी मिला हुआ, एकदम पतला शराब बेचा जाता है। किन्तु आज जब आप लोग (जाँच टीम) आये हो, तो आज तो अच्छा माल मिलेगा ही।”
हालाँकि, इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में किसी भी दुकान या भंडारण स्थल से मिलावटी शराब बरामद नहीं हुई। इस पर के. डोमरू रेड्डी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यदि आबकारी विभाग की कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक हो जाए, तो सबूत मिलना नामुमकिन हो जाता है।” उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और सिस्टम की मिलीभगत का जीता-जागता सबूत बताया।
नेक्सस और प्लेसमेंट एजेंसियों पर उठाए गंभीर सवाल
के. डोमरू रेड्डी ने केवल मिलावट ही नहीं, बल्कि शराब दुकानों के पूरे ढर्रे पर सवाल खड़े किए हैं। उनके मुख्य आरोप और माँगें निम्नलिखित हैं:
- राजनैतिक संरक्षण का खेल: शराब दुकानों में स्थानीय राजनैतिक बिचौलियों के संरक्षण में प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए चहेतों की नियुक्तियाँ की जा रही हैं, जिससे गड़बड़ियों को बढ़ावा मिलता है।
- आबादी के बीच दुकानें बंद हों: घनी आबादी वाले इलाकों और मुख्य सड़कों के किनारे संचालित हो रहीं शराब दुकानों को तत्काल हटाया जाए और सरकारी नियमों का सख्ती से पालन हो।
- गली-मोहल्लों में अवैध बिक्री पर रोक: मुख्य दुकानों की आड़ में गली-मोहल्लों में बेधड़क बिक रही अवैध शराब पर स्थायी रूप से रोक लगाई जाए।
निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जाँच की माँग
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार और आबकारी विभाग के आला अधिकारियों से इस पूरे नेक्सस की एक निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट और उन्हें संरक्षण देने वाले दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज इस गंभीर शिकायत के बाद शासन-प्रशासन इस ‘मधुशाला के घालमेल’ पर क्या कड़ा एक्शन लेता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाता है।




