मनेंद्रगढ़: मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भलौर में इन दिनों रोजगार सहायकों के पदभार को लेकर उठा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं ‘मोह’ तो कहीं ‘आनाकानी’ की स्थिति ने व्यवस्था को ठप कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ द्वारा दिनांक 24.04.2026 को जारी आदेश के अनुसार, श्री बैजनाथ सिंह को ग्राम पंचायत भलौर का प्रभार सौंपा गया है। हालांकि, आदेश मिलने के बाद भी वे इस पदभार को ग्रहण करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
सरपंच का क्या है पक्ष?
इस मामले पर ग्राम पंचायत भलौर के सरपंच धर्मपाल सिंह टेकाम ने स्पष्ट किया है कि पंचायत की ओर से नियमानुसार पदभार देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सरपंच का आरोप है कि जनपद पंचायत के आदेश के बावजूद श्री बैजनाथ सिंह पदभार लेने से बच रहे हैं।
‘मोह’ बना बाधा?
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ी वजह पूर्व में पदस्थ रोजगार सहायक का ग्राम पंचायत से ‘लगाव’ या ‘मोह’ बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पूर्व में पदस्थ रोजगार सहायक किसी भी कीमत पर उस पंचायत को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, जिसके चलते नवनियुक्त रोजगार सहायक के लिए वहां कार्यभार संभालना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
सवाल यह है: जब जनपद पंचायत का स्पष्ट आदेश पत्र जारी हो चुका है, तो इस तरह की मनमानी क्यों? क्या प्रशासन इस मामले में कोई कठोर कदम उठाएगा या फिर पंचायत के कामकाज को प्रभावित होते हुए देखा जाएगा?




