सियाराम इंडेन एजेंसी में आकस्मिक जांच से मचा हड़कंप, 438 घरेलू और 38 व्यावसायिक सिलेंडर कार्रवाई की जद में; पहले भी लग चुका है ₹10 हजार जुर्माना, IOC ने लगाया था ₹11.85 लाख का अर्थदंड
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम लगातार गैस एजेंसियों की निगरानी और आकस्मिक जांच कर रही है। इसी कार्रवाई के दौरान मेसर्स सियाराम इंडेन एजेंसी, गौरेला से 476 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
21 अगस्त 2026 को खाद्य निरीक्षकों की टीम ने एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 438 घरेलू और 38 व्यावसायिक सिलेंडर, कुल 476 सिलेंडर जब्त किए गए। बड़ी संख्या में सिलेंडरों की जब्ती से जिले की गैस वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दे रही है।
शिकायतों के बाद पहले भी हुई कार्रवाई
संबंधित एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों के आधार पर पूर्व में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा चुकी है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एजेंसी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। इतना ही नहीं, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा भी संबंधित एजेंसी पर 11 लाख 85 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया जा चुका है।
अब जिलेभर की एजेंसियां प्रशासन के रडार पर
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि एलपीजी सिलेंडर वितरण में नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले की सभी गैस एजेंसियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वितरण करने, उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी की कार्रवाई जारी है।
उपभोक्ताओं से शिकायत दर्ज कराने की अपील
जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गैस सिलेंडर वितरण से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या, अनियमितता या असुविधा होने पर इंडियन ऑयल के टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए जांच एवं कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।






