
कोरिया: कहते हैं कि सियासत में सब कुछ जायज है, लेकिन रिश्तों की डोर अगर मजबूत हो, तो कोई भी दरार स्थायी नहीं होती। युवा कांग्रेसी नेता प्रदुमन सिंह का इस्तीफा नामंजूर होना इसका ताजा उदाहरण है।जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता की मध्यस्थता में प्रदुमन सिंह ने न केवल अपनी गलतियों को सहर्ष स्वीकार किया, बल्कि आगे भी पार्टी के कार्यक्रमों में पूरी ऊर्जा के साथ जुटने का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं के बीच इस घटना से एक संदेश गया है कि कांग्रेस ‘एकता’ को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है। प्रदुमन सिंह की वापसी के बाद अब स्थानीय स्तर पर नई ऊर्जा का संचार होना निश्चित है।
Post Views: 208




