पटेल के साथ जोड़ी जमाकर जुए का फड़ चलाने की चर्चा, युवाओं की जेब पर डाका—जिम्मेदारों की खामोशी पर सवाल
बैकुंठपुर। जामपारा में अवैध जुए के फड़ को लेकर एक बार फिर सवालों का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ‘पुलिस’ नाम का एक जुआरी और एक पटेल इस पूरे खेल में सक्रिय बताए जा रहे हैं। आरोप है कि दोनों की जोड़ी के बीच जुए के फड़ का संचालन और जुआरियों को जुटाने का खेल चल रहा है।
नाम ‘पुलिस’, काम जुए का!
मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जिस जुआरी का नाम स्थानीय चर्चाओं में सामने आ रहा है, उसका नाम ही ‘पुलिस’ बताया जा रहा है। इसी वजह से जामपारा में ‘पुलिस और पटेल की जोड़ी’ की चर्चा जोर पकड़ रही है। साफ कर दें कि यहां ‘पुलिस’ किसी विभाग या पुलिस अधिकारी के लिए नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के नाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
युवाओं की कमाई दांव पर
जुए के फड़ में युवाओं के पहुंचने और पैसे दांव पर लगाने की चर्चाएं हैं। यदि ये आरोप सही हैं तो जुए का यह कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी और परिवारों की आर्थिक स्थिति से जुड़ा गंभीर मामला है।
कौन चला रहा फड़, किसके दम पर?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जामपारा में यदि खुले तौर पर जुए का फड़ चल रहा है तो इसकी भनक जिम्मेदारों को क्यों नहीं है? क्या फड़ संचालकों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? ‘पुलिस’ और पटेल की भूमिका क्या है? जुए के इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं?
इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
कार्रवाई होगी या चलता रहेगा ‘जुआ खेल’?
स्थानीय लोगों की मांग है कि जामपारा में जुआ फड़ की तत्काल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जुआ संचालकों तथा इसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि जामपारा के ‘पुलिस- पटेल’ की चर्चित जोड़ी पर जांच की गाज गिरती है या जुए का यह कथित फड़ इसी तरह बेखौफ चलता रहता है।





