मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और कलेक्टर को भेजा स्मरण पत्र; उच्च स्तरीय जांच, भर्ती निरस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
एमसीबी | विशेष संवाददाता |एमसीबी जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में हुई संविदा भर्तियों को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (महिला एवं बाल विकास विभाग) तथा कलेक्टर एमसीबी को पुनः स्मरण पत्र भेजकर तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यकाल में हुई संविदा भर्तियों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
पूर्व विधायक ने शिकायत के साथ उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से अनियमित भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर पारदर्शी तरीके से पुनः भर्ती कराने तथा दोषी पाए जाने वाले तत्कालीन नियुक्तिकर्ता अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
इन भर्तियों की जांच की मांग
पूर्व विधायक ने जिन भर्तियों की जांच की मांग की है, उनमें शामिल हैं—
मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति की संविदा भर्ती।
मिशन वात्सल्य अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन की राज्य एवं जिला स्तरीय संविदा भर्ती।
मिशन शक्ति अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केंद्र के संचालन हेतु हुई संविदा भर्ती।
महिला संरक्षण अधिकारी की संविदा नियुक्ति।
सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन हेतु सेवा प्रदाताओं की भर्ती।
10 माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उठाए सवाल
गुलाब कमरो ने कहा कि शिकायत किए जाने के लगभग 10 माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं तो दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए और पूरी भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से दोबारा संपन्न कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील विभागों में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होना आवश्यक है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का संरक्षण हो सके और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।





