विशेष संवाददाता | बिजुरी/अनूपपुर।अनूपपुर जिले के अंतिम छोर बिजुरी से लेकर पवित्र नगरी अमरकंटक थाना क्षेत्र तक अवैध जुए का कारोबार खुलेआम संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद कई स्थानों पर ‘बावनपरी’ (ताश के पत्तों पर जुआ) की फड़ें बेखौफ संचालित हो रही हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नामचीन जुआरियों के सक्रिय होने का दावा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय कुछ कथित जुआ संचालकों के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें अतुल मिश्रा, प्रकाश पेंड्रा, जिलाजीत, मिक्कू और चिंटू का उल्लेख किया जा रहा है। आरोप है कि इनके संरक्षण में अलग-अलग स्थानों पर जुए की फड़ें संचालित हो रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मजदूरों और गरीब परिवारों पर पड़ रहा असर
ग्रामीणों का कहना है कि दिहाड़ी मजदूर और आम लोग अपनी मेहनत की कमाई इस अवैध जुए में गंवा रहे हैं। इससे कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों के अनुसार, जुए की लत के कारण घरेलू विवाद, मारपीट और सामाजिक तनाव जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल
क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में गंभीर आपराधिक घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जनता की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनूपपुर से मांग की है कि अमरकंटक, बिजुरी तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध जुए के अड्डों की जांच की जाए। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और यदि शिकायतें निराधार हों तो निष्पक्ष जांच कर स्थिति सार्वजनिक की जाए।
बड़ा सवाल??????
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या स्थानीय पुलिस को इन कथित जुए की फड़ों की जानकारी नहीं है, या शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? इस मामले में पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।





