सीधी में पुलिस अधीक्षक से शिकायत, पुलिसकर्मी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल; निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
सीधी, मध्य प्रदेश। जनता की सुरक्षा और कानून की रक्षा की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, जब उन्हीं पर मारपीट और रुपये छीनने जैसे गंभीर आरोप लगते हैं, तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। सीधी जिले में पुलिस सहायता केंद्र टिकरी के प्रभारी प्रमोद तिवारी के खिलाफ एक शिकायत ने पुलिस महकमे की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर मारपीट, गाली-गलौज और ₹2,000 छीनने के मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
आधी रात बुलाया, फिर मारपीट करने का आरोप
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, ग्राम आमाखोली, थाना मड़वास निवासी चिरंजीलाल गुप्ता को 30 सितंबर 2026 की रात पुलिस सहायता केंद्र टिकरी से फोन आया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि फोन आने के बाद वह केंद्र पहुंचा, जहां प्रभारी प्रमोद तिवारी ने उसके साथ गाली-गलौज की और लात-घूंसों से मारपीट की।
जेब से ₹2,000 निकालने की शिकायत
आवेदन में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी जेब में रखे ₹500 के चार नोट, कुल ₹2,000, निकाल लिए गए। शिकायत में धमकी दिए जाने का भी उल्लेख है। इन गंभीर आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाने की आवश्यकता है।
पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार
शिकायतकर्ता ने 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, जिला सीधी के नाम आवेदन देकर पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी के विरुद्ध जांच और उचित दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें पुलिस विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। शिकायत पर जांच शुरू हुई है या नहीं और संबंधित अधिकारी का इस मामले में क्या पक्ष है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
वर्दी कानून की पहचान, मनमानी का अधिकार नहीं
पुलिस की वर्दी नागरिकों की सुरक्षा, कानून के पालन और विश्वास का प्रतीक है। किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ मारपीट और रुपये छीनने जैसे आरोप सामने आने पर विभाग की जिम्मेदारी है कि शिकायत को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच करे। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल: क्या शिकायतकर्ता को न्याय मिलेगा? क्या पुलिस विभाग अपने ही अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराएगा? इन सवालों का जवाब जांच के निष्कर्ष और विभाग की आधिकारिक कार्रवाई से सामने आएगा।






